देखो 100 किलो सोना और 163 करोड़ मिला cash , बकरी बेचने वाले के घर पर

Gurkirat Singh
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बदल रही दुनिया में, कई लोग अपनी आम ज़िंदगी से ऊपर उठकर बहुत सफलता हासिल करते है। इसे ही नागराजन की कहानी है जिसने अपने बकरी पालन से करोड़पति बनने की यात्रा की है। उनकी कहानी सपने देखने वालो का साहस करने वालों को मिलने वाले मोको को दिखाती है।

नागार्जुन के पिता भारत के तमिलनाडु के जिले विरुद्धनगर के रहने वाले थे। उनका मुख्य कार्य बकरी पालन था, जिससे वह अपनी रोजमर्रा की जरूरत को पूरा करते थे। रोज की जरूरत को पूरा अपनी बकरियों को स्थानीय कसाईयो को बेचकर पूरा करते थे। इससे उनकी बुनियादी जरूरत पूरी होती थी, जबकि भाग्य ने उसके परिवार के लिए कुछ और सोच रखा था।

भाग्य का मोड़

उसकी जिंदगी में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब आयकर विभाग ने उसके घर पर छापेमारी की सब कोई हैरान रह गया जब उसके घर पर 100 किलो सोना और 163 करोड़ नगद रुपए मिले। यह देख आयकर अधिकारी भी हैरान रह गए । नागार्जुन कोई है तूफान उसे रास्ते पर ले गया जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

अवसर का लाभ

मिली संपत्ति के साथ नागार्जुन ने अपने अवसरों का भरपूर फायदा उठाया। तूने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर कल्लाकुरिचि में आराम मिल की स्थापना की और एक सफल व्यावसायिक साझेदारी की। यह उनके लिए लाभदायक साबित हुआ और वह अन्य कामों में भी अपना पैसा लगाने लगे। अपने साझेदारों से अलग होने के बावजूद भी नागार्जुन आगे बढ़ता रहा और उन्हें राज्य राजमार्ग विभाग में से सड़क कर रखरखाव करने का ठेका भी मिला।

पोर्टफोलियो

नागराजन की यात्रा में मोड तब आया जब उसने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। योग्यताओं से भरपूर होकर उन्होंने अपने पिता के काम में कदम रखा और सुरेश के साथ मिलकर स्थानीय माफिया मैं एक प्रभावशाली आदमी बन गया। इस सब के कारण वह डीएम के पार्टी के नेताओं के करीब चला गया जिससे महत्वपूर्ण व्यवसाय के अवसर उसे मिले। उसके व्यापारिक साम्राज्य का विस्तार बहुत ही तेजी के साथ हुआ और वे अलग-अलग उद्योगों में मुख्य व्यक्ति बन गया।

एक बहुआयामी उ‍द्दमी

एपीके शिप नोट्स प्राइवेट लिमिटेड ,श्री बालाजी टोलवेज और एपीके एक्सप्रेसवेज़ में नागराजन निदेशक पद पर है अपने कौशल के दम पर उन्होंने पिछले साल अरबो रुपए के टेंडर लिए हैं। जिससे एक सफल आदमी के रूप में उनकी स्थिति मजबूत हुई है जबकि, वह विवादों से रहित नहीं है।

विवाद और चुनौतियां

नागार्जुन की जिंदगी चुनौतियों और विवादों से रहित नहीं थी। सुरेश की मौत के बाद उन्होंने नेताओं के साथ अपने संबंध बनाए और राजनीतिक क्षेत्र में अपना रास्ता सफलतापूर्वक बनाया। रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपी के साथ उसका काम व्यवसाय जांच के दायरे में आ गया। इन आरोपों के कारण उनके कई स्थानों पर छापेमारी हुई।

छापेमारी

छापेमारी के दौरान नागार्जुन के घर से 24 लख रुपए नगद आयकर विभाग ने जप्त किया। जबकि अधिकारियों को जिस बात में ज्यादा हैरान किया वह थी कि उनके कर्मचारी और सहयोगियों के 10 अलग-अलग स्थान पर करोड़ों रुपए और सोना मिला ।इसके अलावा उसके एक दोस्त के घर पर दो बीएमडब्ल्यू कार मिला।

निष्कर्ष

छापेमारी में एक जटिल जल का पर्दाफाश हुआ जिससे 100 किलोग्राम सोना और 163 करोड़ नगद रुपए की रकम बरामद हुई। आयकर विभाग में कई दस्तावेज हार्डवेयर और कंप्यूटर भी जप्त किया। इस छापेमारी ने उसके व्यापारिक समाज की नींव को हिला कर रख दिया और भ्रष्टाचार विरोधी शाखा का ध्यान आकर्षित किया।

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